16वें एशियाई खेलों में भारतीय टेनिस खिलाड़ी सोमदेव देवबर्मन ने इतिहास रचते हुए भारत की झोली में एक और गोल्ड मेडल डाल दिया है।

24/11/2010 21:10

 ग्वांग्झू। 16वें एशियाई खेलों में भारतीय टेनिस खिलाड़ी सोमदेव देवबर्मन ने इतिहास रचते हुए भारत की झोली में एक और गोल्ड मेडल डाल दिया है। इसके साथ ही सोमदेव एशियाई खेलों की पुरूष एकल टेनिस प्रतियोगिता में सोना जीतने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी बन गए हैं।


सोमदेव ने शीर्ष वरीयता प्राप्त उजबेकिस्तान के डेनिस इस्टोमिन को सीधे सेटों में 6-1, 6-2 से हराकर स्वर्ण पदक पर कब्जा किया। इससे पहले सोमवार को सोमदेव- सनम की जोड़ी ने युगल स्पर्घा में भी गोल्ड मेडल हासिल किया था। एशियन गेम्स में अब भारत के स्वर्ण पदकों की संख्या 7 हो गई है। 

सोमदेव ने पहले सेट से ही आक्रामक रूख दिखाया और उजबेक खिलाड़ी सोमदेव की सर्विस के आगे बेबस नजर आए। सोमदेव ने पहला सेट 6-1 से अपने नाम किया। दूसरे सेट में सोमदेव को थोड़ा संघर्ष करना पड़ा लेकिन जल्द ही लय वापस पाकर सोमदेव ने दो बार विपक्षी खिलाड़ी की सर्विस ब्रेक की और गोल्ड पर कब्जा जमाया।

एशियाई खेलों के अब तक के इतिहास में पुरूष एकल वर्ग में यह भारत का पहला टेनिस पदक है। इससे पहले भारत ने एशियाई खेलों में टेनिस की पुरूष एकल स्पर्धा में अब तक तीन कांस्य पदक जीते थे। लिएंडर पेस ने वर्ष 1994 में हिरोशिमा खेलों में देश के लिए कांस्य पदक जीता था, जबकि महेश भूपति और प्रहलाद श्रीनाथ ने 1988 में बैंकाक एशियाई खेलों में कांस्य पदक जीते थे।


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