गुर्जर आंदोलन: चार बिन्दुओं पर नहीं बनी सहमति

03/01/2011 19:58

 जयपुर/पीलूपुरा। गुर्जर आंदोलनकारियों के प्रतिनिधियों व राज्य सरकार के बीच आज एक बार फिर वार्ता का दौर चला। सूत्रों के मुताबिक दोनों पक्षों के बीच दोपहर बाद शुरू हुई बैठक बेनतीजा खत्म हो गई है। एक ओर सरकार इसे सकारात्मक बता रही है वहीं दूसरी ओर गुर्जर प्रतिनिधियों ने वार्ता को पूरी तरह से विफल करार दिया। सूत्रों की मानें तो दोनों पक्षों के बीच अभी भी चार बिन्दुओं पर असहमति कायम है। प्रतिनिधिमंडल पांच फीसदी आरक्षण की मांग पर अडिग है लेकिन सरकार का कहना है कि सर्वे के बाद ही इस मुद्दे पर किसी तरह का फैसला किया जाएगा। 


उधर, गुर्जर नेता श्रीराम बैंसला ने पत्रकारों से कहा कि सरकार यदि चाहे तो सर्वे का काम तीन दिन में पूरा कर सकती है। बताया जा रहा है कि अब गुर्जर नेता कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला से बात के बाद आगे की रणनीति तय की जाएगी। कल फिर वार्ता का दौर हो सकता है। 

सरकार की ओर से गृह मंत्री शांति धारीवाल, परिवहन मंत्री बृजकिशोर शर्मा, ऊर्जा मंत्री जितेन्द्रसिंह की समिति बैठक में शामिल थी। आईएएस अफसर जी एस संधु में इस वार्ता में शामिल थे। सरकारी नौकरियों में पांच फीसदी आरक्षण की मांग पर पिछले 15 दिनों से गुर्जरों को आंदोलन जारी है। कर्नल बैंसला अभी भी पीलूपुरा ट्रेक पर जमे हैं।

गौरतलब है कि  रविवार शाम जयपुर स्थित शासन सचिवालय में दोनों पक्षों के बीच मैराथन वार्ता हुई। देर रात तक चली बातचीत में कई मुद्दों पर सहमति बनी। हालांकि गुर्जर नेताओं ने फिलहाल आंदोलन खत्म करने से इंकार कर दिया। गृह मंत्री शांति धारीवाल, परिवहन मंत्री बृजकिशोर शर्मा, ऊर्जा मंत्री जितेन्द्र सिंह की समिति, डीजीपी हरीश मीना, प्रमुख सामाजिक न्याय एवं अघिकारिता सचिव अदिति मेहता और गुड़ला (करौली) निवासी सरपंच बसंता की अगुवाई में गुर्जर प्रतिनिघिमण्डल के बीच शाम साढ़े सात बजे बातचीत शुरू हुई, जो करीब रात पौने बारह बजे खत्म हुई। 
इसमें गुर्जर नेता कर्नल किरोड़ीसिंह बैंसला मौजूद नहीं थे। 

इन पर सहमति

तीन मंत्रियों के समूह के साथ गुर्जरों के अलावा विशेष पिछड़ा वर्ग की अन्य जातियों के 60 सदस्यीय प्रतिनिघिमण्डल की बातचीत में गुर्जर आरक्षण आंदोलन के दौरान विकलांग हुए लोगों को पेंशन देने, मृतक आश्रितों को नौकरी व घायलों को मुआवजा देने पर सहमति बन गई। हालांकि आंदोलन खत्म करने के मुद्दे पर गुर्जर नेता फिलहाल राजी नहीं हुए।

सभी जातियों का लिया प्रतिनिघित्व


कर्नल बैंसला ने पत्रकारों को बताया कि प्रतिनिघिमंडल में गुर्जरों के साथ एसबीसी में शामिल  राईका, बंजारा, रैबारी व गाडिया लुहार जातियों को भी शामिल किया है। इसमें भरतपुर, करौली, धौलपुर, जयपुर, अलवर, कोटा, अजमेर, सवाईमाधोपुर, बारां, उदयपुर, राजसमंद, पाली व अन्य जिलों के सदस्य हैं

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