जन्म-राशि और व्यक्तित्व (मिथुन-राशि)..

जन्म-राशि और व्यक्तित्व (मिथुन-राशि)..

 जन्म-राशि और व्यक्तित्व (मिथुन-राशि)..

 

 

 

 

मिथुन राशि का स्वामी बुध ग्रह है और यह वायु तत्व राशि है. मिथुन राशि का स्वरुप द्विस्वभाव है. बुध ग्रह को बुद्धि व वाणी का कारक माना जाता है. बुध जिस ग्रह के साथ होता है या जिस ग्रह के साथ बैठता है या जिस ग्रह का इस पर प्रभाव पड़ता है, यह वैसा ही हो जाता है. उसी के अनुसार व्यक्ति का रंग व चरित्र होता है. इस राशि वाले पर संगत का असर जल्दी होते देखा गया है. बुरी संगत बुरा बना देती है, तथा अच्छी संगत, अच्छा बना देती है. यह शीघ्र ही दूसरों के प्रभाव तथा आकर्षण में आ जाते है.यह इनकी कमजोरी होती है.

 

यह व्यक्ति पूरी ऊंचाई लिए हुए, शरीर से भारी नहीं होते है, फिर भी दुबला पतला नहीं कहा जा सकता है. रंग खुला हुआ, चेहरा भरा हुआ होता है.बाल काले व पतले होते है. ऐसे व्यक्ति बुद्धिमान वाचाल हों तो कोई आश्चर्य नहीं होता है. प्राकृतिक स्वभाव विद्याध्यनी के साथ व्यापारिक बुद्धि भी होती है.इनकी बुद्धि अन्तर्मुखी होती है. यह सभी की सुनते है, परन्तु करते वे अपनी है, जो दिल करता है.यह रहस्यवादी व्यक्ति होते है.इनके मन की थाह पाना कठिन होता है. पर अपनी चालाकी व होशियारी से दूसरे के मन की थाह पा लेते है.

 

द्विस्वभाव राशि के होने के कारण यह व्यक्ति प्रत्येक वस्तु के दोनों पहलूओं पर अच्छी तरह विचार करते है.तभी निर्णायक कदम उठाते है. क्रोध कम आता है. और यदि इस राशि वाले क्रोधित हो जाए तो, क्रोध शांत होने पर पश्चाताप भी करते है.

ऐसे व्यक्ति अधिक बात करने वाले, भाषण देने में माहिर भी होते है. पढ़ने लिखने में बहुत ज्यादा दिलचस्पी लेते है.

 

इस राशि वाले व्यक्ति अधिकतर साहित्य, संपादन, लेखन, बैंकिंग, से सम्बन्धित कार्य या व्यवसाय, प्रैस आदि इन कार्यों में उन्नति प्राप्त करके समाज में प्रतिष्ठित व्यक्ति के रूप में स्वयं को स्थापित कर सकने में सक्षम होते है.

यह व्यक्ति शारीरिक श्रम से ज्यादा मानसिक श्रम पर ज्यादा जोर देते है. संगीत एवं कला के प्रति रूचि रहती है. नवीन सिद्धांतों व मूल्यों का प्रतिपादन करने में समर्थ रहते है.

इस राशि के व्यक्ति विनम्र, उदार एवं परिलक्षित हास्य प्रवृति के भी होते है. बुद्धिमता का भाव चेहरे पर परिलक्षित होता है. इनमे स्वाभिमान का भाव विद्यमान रहता है. तथा भौतिक सुख, साधनों एवं धनेश्वर्य से संपन्न रहते है. सरकार या उच्च अधिकारी लोगो से संपर्क बना रहता है.

यह लोग नई नई बाते जानने के इच्छुक होते है. यह कुशल जासूस, अध्यापक, रिसर्च स्कालर भी बन जाते है. इस राशि वाले व्यक्ति स्वतंत्र व्यवसाय भी सफलतापूर्वक चला सकने में सक्षम होते है.

इनका शारीरिक स्वास्थ उत्तम रहता है. परान्तु कभी कभी इन्हें कमर संबंधी रोग, गुर्दा, मूत्रस्थली संबंधी रोग की संभावना रहती है.

मित्रों के प्रति मन में निष्ठा रहती है. सरकारी कार्यों में प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप में सहयोग प्रदान करते है.

धर्म के प्रति मन में श्रद्धा का भाव रहता है. तथा निष्ठापूर्वक धार्मिक क्रिया-कलाप पूर्ण करते है. साथ ही अवसर के अनुकूल आप सामाजिक जनों के मध्य उदारता तथा दानशीलता का भाव भी प्रदर्शित करते है.

आप एक विद्वान पुरुष है. अपनी विद्वता प्रदर्शन से सम्मान व प्रतिष्ठा अर्जित करते है. जीवन में समस्त सुखो का उपभोग करेंगे.

आप सबसे प्रेम करते है. परन्तु कम लोग आपके स्नेहपूर्ण व्यवहार को समझ पाते है. इनकी संतान, माता पिता के प्रति विद्वेषणपूर्ण भावना रखती है.इनके सहयोगी, पड़ोसी, ससुराल पक्ष, ऐसे व्यक्ति इनके प्रति षड्यंत्रकारी वातावरण बना कर रखते है. निकटतम संबंधी तथा मित्रों से विश्वासघात की आशंका रहती है. इन्हें उनसे सतर्क रहना चाहिए.

प्रकृति:- क्रूर स्वभाव, धातु प्रकृति,

अनुकूल रंग:- हरा,

शुभ दिन:- बुधवार,

अनुकूल देवता:- गणपति, मां सरस्वती, मां दुर्गा जी,

व्रत-उपवास:- बुधवार,

अनुकूल अंक:- 5,

अनुकूल तारीखें:- 5, 14, 23,

अनुकूल वर्ष:- 21, 30, 39, 48, 57, 66, व 75वां वर्ष अत्यंत महत्वपूर्ण.

मित्र राशियां:- तुला, सिंह, कन्या, कुम्भ,

शत्रु राशियां:- कर्क, वृष, मेष,

नाम अक्षर:- का, की, कू, घ, ङ, के, छ, को, हा,

व्यक्तित्व:- चतुर, निडर, बुद्धिमान,

सकारात्मक तथ्य:- कुशल व्यापारी, वाक् पटु,

नकारात्मक तथ्य:- निर्मोही, आत्मकेंद्रित, निष्ठुर,

राशि रत्न:- पन्ना,

दिशा:- पश्चिम,

यदि आप अपनी मित्र राशियों से सम्बन्धित लोगों से मेल जोल व सामंजस्य रखते है और अपनाभाग्य रत्न पन्ना धारण करते है तो जीवन में आने वाले उतार चढ़ाव से आप मुक्त होंगे. और सफलता से आगे बढ़ेंगे.

शुभमस्तु !!

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